Blue Light क्या है और इससे क्या नुकसान है? इससे कैसे बचें?
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Blue Light क्या है और इससे क्या नुकसान है? इससे कैसे बचें?

Blue Light क्या है और इससे क्या नुकसान है? इससे कैसे बचें?

भारत में स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या काफी बढ़ गई है। इसी के साथ ही साथ आंख के रोगियों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। आजकल बहुत सारे कम उम्र के बच्चे इस स्मार्टफोन का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं इसलिए उनके आंखों में भी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। ऐसा स्मार्टफोन से निकलने वाली Blue Light के कारण होता है, जो आंखों पर गहरा असर डालता है। इस आर्टिकल में हम आपको Blue Light क्या है और इससे क्या नुकसान है के बारे में पूरी जानकारी देंगे।

Blue Light क्या है?

दरअसल किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट जैसे कंप्यूटर, टेबलेट, स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी इत्यादि एक नीली प्रकाश निकलती है इसे ही Blue Light कहा जाता है। यह Blue Light हमारे आंखों पर गहरा असर डालती है और इसे खराब भी कर सकती है। इसीलिए कभी भी अंधेरे में ऐसे गैजेट्स का प्रयोग नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे आंखों की रोशनी अचानक से जा सकती है।

अधिक समय तक स्मार्टफोन का प्रयोग करने से आपके आंखों की रोशनी खराब हो सकती है और जल्द ही आपको अंधा बना सकती है। क्योंकि Blue Light आंख के रेटिना पर सीधे असर डालता है जो अत्यंत संवेदनशील होता है। अधिक समय तक ऐसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का इस्तेमाल करने से आंखों में खिंचाव, दर्द और सूखापन आ जाता है और साथ ही सिर दर्द भी होने लगता है। 

Blue Light से क्या नुकसान है?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हर प्रकार की नीली किरणें आपके लिए हानिकारक नहीं होती है क्योंकि सूर्य के प्रकाश में भी नीली किरणें मौजूद होती हैं जो आपके लिए लाभदायक भी होती हैं। लेकिन यदि आपने अपनी खुली आंखों से सूर्य की ओर देखा तो इससे आपकी आंखें तुरंत ही खराब हो सकती हैं ठीक ऐसा ही मोबाइल की स्क्रीन को लगातार देखने से भी होता है। अब हम आपको ब्लू लाइट से होने वाले नुकसान के बारे में बताने जा रहे हैं:

  1. Blue Light आपके Retina को क्षति पहुंचा सकती हैं:

रेटिना आंख का सबसे महत्वपूर्ण और सबसे संवेदनशील हिस्सा होता है। रेटिना के कारण ही हम किसी भी चीज को देख पाते हैं और इसका सीधा कनेक्शन दिमाग के साथ होता है। इसी के चलते दिमाग यह समझ पाता है कि आपने अपनी आंखों से क्या देखा है। यदि आप अधिक समय तक इस स्मार्टफोन का प्रयोग करते हैं तो इससे निकलने वाली नीली किरणें (Blue Light) रेटिना को काफी नुकसान पहुंचाती हैं।

  1. Blue Light आपको अंधा बना सकती हैं

यदि आपके रेटिना पर गहरा असर पड़ा तो यह आपको अंधा भी बना सकती हैं। जैसा कि हमने आपको बताया कि Blue Light से रेटिना को काफी क्षति पहुंचती है तो इससे आप के अंधे होने के चांस काफी बढ़ जाते हैं। इसीलिए कभी भी इस स्मार्टफोन को अंधेरे में इस्तेमाल ना करें क्योंकि इससे आपके रेटिना पर और भी गहरा असर पड़ता है।

  1. नींद न आने की बीमारी:

यदि आप अधिक समय तक इस स्मार्टफोन का प्रयोग करते हैं तो आपको नींद ना आने की भी बीमारी हो सकती है। अधिक समय तक इस स्मार्टफोन का प्रयोग करने से आप के दिमाग पर मनोवैज्ञानिक असर पड़ता है। यदि आप रात के समय इस स्मार्टफोन का अधिक यूज करते हैं तो आपको जल्दी नींद नहीं आएगी क्योंकि इससे आपका दिमाग यह समझता है कि अभी रात नहीं हुई है और यह सोने का समय नहीं है। 

  1. Blue Light की वजह से मायोपिया हो सकता है:

आमतौर पर जब आप स्मार्टफोन का प्रयोग करते हैं तो उसे अपने पास रखते हैं। साधारण सा इंसान की आंखें दूर की चीजें देखने के लिए बनी हुई है। यदि आप आंख के पास रख कर इस स्मार्टफोन का अधिक प्रयोग करते हैं तो इससे आपके आंखों पर बहुत अधिक दबाव पड़ता है और रेटिना अपने स्थान से पीछे खिसक जाता है। इससे व्यक्ति मायोपिया का शिकार हो जाता है। मायोपिया से ग्रसित लोगों को माइनस नंबर का चश्मा लगाना पड़ता है।

  1. Blue Light की वजह से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं:

ब्लू लाइट की वजह से सिर्फ आंखों पर ही असर नहीं पड़ता है बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट स्क्रीन से निकलने वाली नीली किरणों की वजह से आपको थकान, आलस्य, नींद का कम आना, रक्तचाप का बढ़ना और हृदय गति का बढ़ना इत्यादि स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं। स्मार्टफोन का अधिक देर तक इस्तेमाल करने से आपको भूलने की बीमारी हो सकती है क्योंकि इससे आपका दिमाग भ्रमित हो जाता है।

Blue Light से कैसे बचें?

यदि आप लंबे समय तक स्मार्टफोन का प्रयोग करते हैं तो हमेशा Blue Light से बचने वाले चश्मे का इस्तेमाल करें। इसके अलावा ऐसे आई ड्रॉप को अपने आंखों में डालें जिससे कि आपके आंखों में सूखापन ना आ सके। यदि आप Blue Light से बचने वाले चश्मे को खरीदना चाहते हैं तो यह Lenskart और Coolwinks जैसे Glasses Shopping Websites पर 1000 से 1500 रूपए की कीमत में मिल जाएंगे।

किसी भी स्क्रीन वाले इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का अंधेरे में कभी भी प्रयोग ना करें। इनका जब भी प्रयोग करें तो आपके अगल-बगल अधिक से अधिक प्रकाश जरूर हो ताकि इन किरणों का बहुत अधिक असर आपके रेटिना पर न पड़ पाए। यदि आप अंधेरे में ऐसे गैजेट्स का उपयोग करते हैं तो आपके आंखों की रोशनी जा सकती है और आप जल्दी अंधे हो सकते हैं। 

इसके अलावा इस स्मार्टफोन में या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का प्रयोग करते समय उसे अपने से कम से कम 1.5 फ़ीट दूरी पर जरूर रखें। लगातार एकटक स्क्रीन को ना देखें बल्कि अपनी पलकें झपकाते रहें और इधर उधर भी देखते रहें।